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अधिनियम एवं नीतियाँ
भारतीय पुनर्वास परिषद – अधिनियम - 1992
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पुनर्वास परिषद को एक पंजीकृत सोसाईटी के रूप में 1986 में स्थापित
किया गया था। तथापि जल्द ही यह पाया गया कि, एक सोसाईटी अन्य संगठनों द्वारा मानक स्तर को उचित मानकीकरण एवं स्वीकृति सुनिश्चित नही कर पायेगी।
- 1992 के अधिनियम, भारतीय पुनर्वास परिषद को सांविधिक निकाय के रूप में 22 जून, 1993 को संसद द्वारा पारित किया गया।
- अधिनियम को संसद द्वारा वर्ष 2000 में इसे और अधिक व्यापक बनाने के
लिये संशोधन किया गया।
- यह अधिनियम परिषद पर मानक जिम्मेदारी डालती है। इसमें यह भी
निर्धारित किया गया कि जो भी भारतीय पुनर्वास परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त आर्हताओं के बिना विकलाग व्यक्तियों को सेवाएँ प्रदान करेगें। उनके खिलाफ मुक्दमा चला सकती है।
- पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे व्यावसायिकों एवं कार्मिकों
के नियमित प्रशिक्षण के मानकीकरण व नियमितता की जिम्मेदारी परिषद को है।
विकलांग व्यक्ति अधिनियम - 1995
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असमर्थ व्यक्तियों का (समान अवसर, अधिकारों की रक्षा तथा संपूर्ण भागीदारी)
अधिनियम 1995 वर्ष 7 फरवरी, 1996 से लागू किया गया।
- असमर्थ व्यक्तियों को समान अधिकारी प्रदान करने तथा राष्ट्र निर्माण में सम्पूर्ण योगदान के लिये कानून एक महत्वपूर्ण पहलू व एक विशेष कदम है।
- यह अधिनियम शिक्षा, रोजगार एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, नौकरी आरक्षण, अनुसंधान एवं मानव शक्ति विकास, अनावरोधक वातावरण तैयार करना, विकलांग व्यक्तियों को पुनर्वास नि:शक्त जन को बेरोजगार भत्ता, नि:शक्त कर्मचारियों को विशेष बीमा योजना तथा गंभीर रूप से असमर्थ व्यक्तियों के लिये घर बनाना, आदि। इस अधिनियम में पुनर्वास की रोकथाम एवं पुनर्वास के विकास इन दोनों पहलूओं का इस अधिनियम में प्रवाधान प्रदान करता है।
नेशनल ट्रस्ट अधिनियम – 1999
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स्वलीन व्यक्तियों, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंद एवं बहु
विकलागों के कल्याण के लिये राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के क्र. 44 (30 दिसम्बर,
1999) यह अधिनियम आत्मविमोह वाले व्यक्तियों सेरेब्रल पाल्सी वाले
व्यक्तियों, मानसिक मंद व्यक्तियों एवं बहु विकलांग व्यक्तियों तथा उनमें से
संबंधित विषय के कल्याण के लिये एक राष्ट्रीय स्तर पर निकाय स्थापित
करने के लिये यह अधिनियम बनाया गया है।
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देश के लिये नेशनल पॉलिसी मानसिक असमर्थ व्यक्तियों के लिये महत्वपूर्ण
मानव संसाधन के रूप में मानी जाती है तथा ऐसा वातावरण निर्माण करना चाहती है किम जिसमें वे समाज में समान अवसर प्राप्त कर सकें, अधिकारों की सुरक्षा हों एवं समाज में पूर्ण सहयोग मिलें।
- इस पॉलिसी अ) विकलांगता की रोकथाम, आ) पुनर्वास के उपाय पर जोर
देता है।
नेशनल पॉलिसी की प्रमुख विशेषताएँ है:
- शारीरिक पुनर्वास निसमें सम्मिलित है: प्रांरभिक पहचान एवं अंतारक्षेपण, परामर्श एवं चिकित्सीय अंतराक्षेपण तथ यंत्रों एवं उपकरणों का प्रबंध।
- शिक्षा पुनर्वास जिसमें सम्मिलित :- व्यावसायिक प्रशिक्षण।
- समाज में सम्मान पूर्वक जीने के लिये आर्थिक पुनर्वास।